Click Here!

मंगलवार, 6 मई 2014

​मेरे दोस्त तुम भी लिखा करो शायरी

​मेरे दोस्त तुम भी लिखा करो शायरी;​
तुम्हारा भी मेरी तरह नाम हो जाएगा;​
जब तुम पर भी पड़ेंगे अंडे और टमाटर;​​
​तो शाम की सब्जी का इंतज़ाम हो जाएगा।
प्रतिक्रियाएँ:
Categories: