पलकों में आँसु और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता, रोने वाला किस कदर रोया है, ये तो बस वही जान सकता है मेरी तनहाई का आलम, जिसने जिन्दगी में किसी को पाने से पहले खोया है..!!
ना अमीर हूँ ना गरीब, ना मैं बादशाह ना मैं वजीर हूँ. तेरा इश्क है मेरी सल्तनत मैं उसी सल्तनत का फकीर हूँ
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पलकों में आँसु
पलकों में आँसु और दिल में दर्द सोया है, हँसने वालो को क्या पता, रोने वाला किस कदर रोया है, ये तो बस वही जान सकता है मेरी तनहाई का आलम, जिसने जिन्दगी में किसी को पाने से पहले खोया है..!!