कठिन है राहगुज़र थोड़ी दूर साथ चलो;
बहुत बड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो;
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है;
मैं जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो;
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं;
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो;
ये एक शब की मुलाक़ात भी ग़नीमत है;
किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो;
अभी तो जाग रहे हैं चिराग़ राहों के;
अभी है दूर सहर थोड़ी दूर साथ चलो;
तवाफ़-ए-मन्ज़िल-ए-जानाँ हमें भी करना है;
'फ़राज़' तुम भी अगर थोड़ी दूर साथ चलो।
Amazon
Popular Posts
-
कहते हैं की जब कोई किसी को बहुत याद करता हैं तो तारा टूट कर गिरता हैं एक दिन सारा आसमान ख़ाली हो जायेगा ओंर इल्जाम मुझ पर आएगा। *******...
-
मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।।
-
हाथों की लकीरों पर मत जा ऐ ग़ालिब; नसीब उन के भी होते हैं जिनके हाथ नहीं होते।
-
जहाँ पेड़ पर चार दाने लगे हज़ारों तरफ़ से निशाने लगे हुई शाम यादों के इक गाँव में परिंदे उदासी के आने लगे घड़ी दो घड़ी मुझको प...
-
ख़ुदा महफूज़ रखें आपको तीनों बलाओं से, वकीलों से, हक़ीमों से, हसीनों की निगाहों से। -अकबर इलाहाबादी
Visitors Count
Join Us Here
कठिन है राहगुज़र
कठिन है राहगुज़र थोड़ी दूर साथ चलो;
बहुत बड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो;
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है;
मैं जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो;
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं;
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो;
ये एक शब की मुलाक़ात भी ग़नीमत है;
किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो;
अभी तो जाग रहे हैं चिराग़ राहों के;
अभी है दूर सहर थोड़ी दूर साथ चलो;
तवाफ़-ए-मन्ज़िल-ए-जानाँ हमें भी करना है;
'फ़राज़' तुम भी अगर थोड़ी दूर साथ चलो।
बहुत बड़ा है सफ़र थोड़ी दूर साथ चलो;
तमाम उम्र कहाँ कोई साथ देता है;
मैं जानता हूँ मगर थोड़ी दूर साथ चलो;
नशे में चूर हूँ मैं भी तुम्हें भी होश नहीं;
बड़ा मज़ा हो अगर थोड़ी दूर साथ चलो;
ये एक शब की मुलाक़ात भी ग़नीमत है;
किसे है कल की ख़बर थोड़ी दूर साथ चलो;
अभी तो जाग रहे हैं चिराग़ राहों के;
अभी है दूर सहर थोड़ी दूर साथ चलो;
तवाफ़-ए-मन्ज़िल-ए-जानाँ हमें भी करना है;
'फ़राज़' तुम भी अगर थोड़ी दूर साथ चलो।
Blogger द्वारा संचालित.