सच बोलने के अब तोर तरीके नहीं रहे,पत्थर बहुत हैं अब पर सीसे नहीं रहे,
हम वही हैं जो पहले थे दोस्तो,बस अब पहले जैसे नहीं रहे।
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Aisi rangeen ye sham ho jaaye, Har rang aapke naam ho jaaye, Khele es tarah aapke saath holi, Khelte-2 subah se shaam ho jaye
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ऐ बादल ! मेरी आँखें तुम रख लो.. कसम से बङी माहिर है बरसने में..
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mujhe ghuman tha ki chaha bahut sabne mujhe main aziz sabko tha magar jaroorat ki tarah
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मोहब्बत एक ऐसा खेल है जिसमें मेरे भाई हमेशा जीतने वाले परेशानी में रहते हैं
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ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है
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