Shayari
Your Favourite Shayari Blog
Shayari
Hindi Shayari - हिन्दी शायरी
Funny Shayari - मजाकिया शायरी
Sad Shayari- दर्द भरी शायरी
Bewafa Shayari - बेवफ़ा शायरी
Poetry Mirza Ghalib
LOVE SHAYARI
Click Here!
मंगलवार, 3 फ़रवरी 2015
कितने झूठे
Posted by Maneesh on 12:57 pm
कितने झूठे हो गये है हम.......
बचपन में अपनों से भी
रोज रुठते थे,
आज दुश्मनों से भी मुस्करा के मिलते है.!!
इसे ईमेल करें
इसे ब्लॉग करें!
X पर शेयर करें
Facebook पर शेयर करें
Categories:
2 liner
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
Search
Amazon
Facebook
fb pop up
Powered by
Shayari
-
Widget
Popular Posts
Visitors Count
Join Us Here
कितने झूठे
कितने झूठे हो गये है हम.......
बचपन में अपनों से भी
रोज रुठते थे,
आज दुश्मनों से भी मुस्करा के मिलते है.!!
2 liner
इसे ईमेल करें
इसे ब्लॉग करें!
X पर शेयर करें
Facebook पर शेयर करें
Pinterest पर शेयर करें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
feed
Blogger
द्वारा संचालित.