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मंगलवार, 15 सितंबर 2015
अल्लामा इकबाल
Posted by Maneesh on 11:43 pm
तेरे इश्क़ की इन्तेहा चाहता हूँ
मेरी सादगी देख क्या चाहता हूँ..
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Shayari Collection - शायरी संग्रह 22/11/2015
कहते हैं की जब कोई किसी को बहुत याद करता हैं तो तारा टूट कर गिरता हैं एक दिन सारा आसमान ख़ाली हो जायेगा ओंर इल्जाम मुझ पर आएगा। *******...
मैंने समंदर से सीखा है
मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा, चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।।
हुई शाम यादों
जहाँ पेड़ पर चार दाने लगे हज़ारों तरफ़ से निशाने लगे हुई शाम यादों के इक गाँव में परिंदे उदासी के आने लगे घड़ी दो घड़ी मुझको प...
ख़ुदा महफूज़ रखें
ख़ुदा महफूज़ रखें आपको तीनों बलाओं से, वकीलों से, हक़ीमों से, हसीनों की निगाहों से। -अकबर इलाहाबादी
मुकद्दर
जिनका मिलना मुकद्दर मे लिखा नही होता उनसे मुहबत कसम से कमाल की होती है ।।।
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